देवेन्द्र मुनि

जैन दर्शन स्वरूप और विश्लेषण Jain darshan svarūp aur vishleṣhaṇa - उदयपुर श्रीतारक गुरू जैन ग्रंथमाला 1975 - 635पृ. cm.

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Textual

R693:g, 152L5