सर्वज्ञ वचनानि

पुरूषोत्तम, सि0 जि0

सर्वज्ञ वचनानि Sarvagna vachanāni - मैसूरु श्री जय मारुति प्रकाशन 1993 - 191पृ0 cm.

32348

Textual


कन्नड़ साहित्य

O33,1KSAx, 15N3