प्रेमचंद के निबंध साहित्य में सामाजिक चेतना
जैन, अर्चना
प्रेमचंद के निबंध साहित्य में सामाजिक चेतना Premachanda ke nibandha sāhitya mean sāmājik chetanā - दिल्ली इन्द्रप्रस्थ प्रका0 1979 - 111पृ. cm.
206,625
Textual
हिन्दी साहित्य
O152,6M80:g(Y), L9;M4
प्रेमचंद के निबंध साहित्य में सामाजिक चेतना Premachanda ke nibandha sāhitya mean sāmājik chetanā - दिल्ली इन्द्रप्रस्थ प्रका0 1979 - 111पृ. cm.
206,625
Textual
हिन्दी साहित्य
O152,6M80:g(Y), L9;M4
